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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान कौन से टेसà¥à¤Ÿ होते हैं सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी?
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी वो समय है जब खà¥à¤¶à¥€ और घबराहट दोनों ही होती है और जà¥à¤µà¤¾à¤°-à¤à¤¾à¤Ÿà¥‡ की तरह à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ आती हैं। à¤à¤• तरफ तो आप इतनी à¤à¤•à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ होती हैं कि आपकी खà¥à¤¶à¥€ का कोई ठिकाना नहीं रहता है अगले ही पल आप बहà¥à¤¤ ही गहरी सोच में डूब जाती हैं कि आखिर आगे कà¥à¤¯à¤¾ होगा। आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाती हैं और डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको तरह-तरह के टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ के बारे में बताता है और आप ये सोचती हैं कि आप हेलà¥à¤¦à¥€ हैं तो फिर इतने टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ और सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग की जरूरत कà¥à¤¯à¤¾ है।
पर मेडिकल रिसरà¥à¤š और टà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤² की खूबियों से अब हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के डेवलपमेंट और उनकी सेहत को टà¥à¤°à¥ˆà¤• किया जा सकता है। ये मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों की सेहत के लिठकाफी जरूरी है। साथ ही साथ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड चेकà¥à¤¸ हमेशा बताते हैं कि बचà¥à¤šà¥‡ का विकास कैसे हो रहा है और उसकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कà¥à¤¯à¤¾ है और ये पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के हर टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में होते हैं। आपको सारी जानकारी 'पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड' नामक सेकà¥à¤¶à¤¨ में नीचे मिलेगी।
पहले टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° के टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ (पहले हफà¥à¤¤à¥‡ से 12वें हफà¥à¤¤à¥‡ तक)
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में होने वाली मां का शरीर बहà¥à¤¤ तेज़ी से बदलता है और आने वाले समय में à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ की जरूरत को पूरा करने की तैयारी करता है। बहà¥à¤¤ सारे शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• बदलाव उसके शरीर में होते हैं। नीचे उन टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ की लिसà¥à¤Ÿ दी गई है जो पहले टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में जरूरी होते हैं।
नियमित बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ-
कैसे कलेकà¥à¤Ÿ किया जाता है सैंपल?
ये टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ महिला की बाजू में मौजूद नस से खून के सैंपल इकटà¥à¤ ा कर किठजाते हैं।
कौन से टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ होते हैं?
1. सीबीसी काउंट (कमà¥à¤ªà¥à¤²à¥€à¤Ÿ बà¥à¤²à¤¡ काउंट)-
ये टेसà¥à¤Ÿ इस जानकारी के लिठकिया जाता है कि आपके खून में मौजूद अलग-अलग सेलà¥à¤¸ किन हालात में हैं। इसमें रेड बà¥à¤²à¤¡ सेल काउंट (RBC काउट), वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ बà¥à¤²à¤¡ सेल काउंट (WBC काउंट) और पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿ काउंट मौजूद होते हैं।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है ये टेसà¥à¤Ÿ- ये आपके शरीर की हेलà¥à¤¥ और किसी à¤à¥€ तरह के à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की जानकारी लेने के लिठजरूरी होता है। हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨, आयरन लेवल आदि की जानकारी बहà¥à¤¤ जरूरी है ये जानने के लिठकि कहीं मां को à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ तो नहीं। अगर मां को à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ होता है तो तà¥à¤°à¤‚त ही सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ देने शà¥à¤°à¥‚ किठजाते हैं। WBC वैलà¥à¤¯à¥‚ ये बताती है कि शरीर में कोई इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ तो नहीं। ये आमतौर पर अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ à¤à¥€ होता है। अगर ये बढ़ा हà¥à¤† पाया जाता है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि किस तरह के टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट की आगे जरूरत है।
2. बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤°à¥à¤ª-
ये टेसà¥à¤Ÿ बताता है कि आपका बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤°à¥à¤ª कौन सा है जैसे A, B, AB या O
ये कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है- बचà¥à¤šà¥‡ के पैदा होने के दौरान किसी à¤à¥€ आपातकालीन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको अगर खून की जरूरत हà¥à¤ˆ तो बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤°à¥à¤ª की जानकारी पहले से तैयार रहने में मदद करेगी।
3. Rh फैकà¥à¤Ÿà¤° टेसà¥à¤Ÿ-
ये टेसà¥à¤Ÿ खून में rhesus फैकà¥à¤Ÿà¤° की मौजूदगी के बारे में बताता है। ये à¤à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ है जो बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ में मौजूद रहता है।
ये कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है- अगर पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ मौजूद होता है तो बà¥à¤²à¤¡ Rh-पॉजिटिव कहलाता है और अगर ये नहीं होता तो बà¥à¤²à¤¡ Rh-नेगेटिव कहलाता है। अगर मां नेगेटिव है और बचà¥à¤šà¤¾ Rh-पॉजिटिव है तो शरीर में à¤à¤¸à¥€ à¤à¤‚टीबॉडी à¤à¥€ बन सकती हैं जो फीटस के लिठनà¥à¤•सानदेह हो सकती है।
रूटीन यूरिन और यूरिन कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ -
कैसे कलेकà¥à¤Ÿ किया जाता है सैंपल?
यूरिन सैमà¥à¤ªà¤² आपके हेलà¥à¤¥ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¤¸ के बारे में काफी कà¥à¤› बताता है और बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। जांच के लिठताज़ा यूरिन सैमà¥à¤ªà¤² लिया जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ चेक किया जाता है?
RBC की मौजूदगी- रेड बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ और वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤Ÿ बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की जानकारी देते हैं।
यूरिन में गà¥à¤²à¥‚कोज लेवल की सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग होती है ताकि जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटीज का सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¤¸ पता चले।
बà¥à¤²à¤¡ और यूरिन में हाई पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ लेवल बहà¥à¤¤ खतरनाक पà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤²à¥ˆà¤®à¥à¤ªà¤¿à¤¯à¤¾ (preeclampsia) की जानकारी दे सकते हैं।
यूरिन कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ चेक करता है कि यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ में किसी तरह का इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ तो मौजूद नहीं है।
रिसरà¥à¤šà¤°à¥à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ फीटस के IQ लेवल को कम कर सकते हैं।
थायराइड टेसà¥à¤Ÿ-
हमारे गले में मौजूद वॉइस बॉकà¥à¤¸ के नीचे à¤à¤• छोटा सा गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड होता है जिसे थायराइड कहते हैं। ये छोटा सा गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड बहà¥à¤¤ ही ताकतवर हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ रिलीज करता है जिसे थायराइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ कहते हैं जिसे TSH और फà¥à¤°à¥€ T4 से नापा जाता है। ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ हमारे पूरे शरीर का मेटाबॉलिजà¥à¤® रेगà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ करता है और होने वाली मां को इस हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की जरूरत बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। ये बहà¥à¤¤ जरूरी है कि होने वाली मां के थायराइड लेवल जांचे जाà¤à¤‚। ये सिरà¥à¤« फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में ही नहीं बलà¥à¤•ि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के अलग-अलग चरणों में à¤à¥€ चेक किया जाता है। ये टेसà¥à¤Ÿ थायराइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की खून में मौजूदगी को टेसà¥à¤Ÿ करता है।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है ये जरूरी- थायराइड हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के लो लेवलà¥à¤¸ फीटल मेटाबॉलिजà¥à¤® और फीटस के दिमाग के विकास पर असर करता है। इसके बहà¥à¤¤ हाई लेवल गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का खतरा और अनà¥à¤¯ जटिलताओं को पैदा कर सकते हैं।
कैसे किया जाता है ये टेसà¥à¤Ÿ- TSH और फà¥à¤°à¥€ T4 लेवल को जांचने के लिठबà¥à¤²à¤¡ सैमà¥à¤ªà¤² लिया जाता है।
जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटीज (GDM) सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨-
इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ है जो हमारे शरीर की गà¥à¤²à¥‚कोज की जरूरत और उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ को कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ है जिसमें गà¥à¤²à¥‚कोज की जरूरत कई गà¥à¤¨à¤¾ बढ़ जाती है। हमारी à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शाकाहारी डाइट में कई सिंपल कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ होते हैं। महिलाà¤à¤‚ जिनके माता-पिता को डायबिटीज हà¥à¤ˆ है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबिटीज होने का खतरा हो सकता है।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है ये- शरीर में बढ़े हà¥à¤ शà¥à¤—र लेवल अगर लंबे समय तक रहते हैं तो ये अंदरूनी अंगों को खराब कर सकते हैं, खासतौर पर किडनी को और इनका कम उपयोग मां को बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की कमी महसूस करवा देता है जबकि असल मायने में खून में à¤à¤°à¤ªà¥‚र शà¥à¤—र होती है। इसके कारण à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है कि बचà¥à¤šà¥‡ को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाना खिला दिया जाठऔर बचà¥à¤šà¤¾ ओवरवेट हो जिससे डिलीवरी के समय अनà¥à¤¯ तरह की परेशानियां हो सकती हैं।
बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल टेसà¥à¤Ÿ-
पहले à¤à¤• सà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨à¤¿à¤‚ग टेसà¥à¤Ÿ होता है जिसमें RBS-रैंडम बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र की जांच बà¥à¤²à¤¡ सैमà¥à¤ªà¤² में की जाती है। ये टेसà¥à¤Ÿ इसलिठकिया जाता है ताकि बà¥à¤²à¤¡ में शà¥à¤—र की मौजूदगी को पहचाना जा सके। अगर बà¥à¤²à¤¡ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़े हà¥à¤ शà¥à¤—र लेवल पाठजाते हैं तो à¤à¤• गà¥à¤²à¥‚कोज टॉलरेंस टेसà¥à¤Ÿ किया जाता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट मां à¤à¤• शà¥à¤—र सॉलà¥à¤¯à¥‚शन पीती है और अलग-अलग समय पर बà¥à¤²à¤¡ सैमà¥à¤ªà¤² लिया जाता है जो ये बताता है कि शरीर शà¥à¤—र लोड पर किस तरह से रिà¤à¤•à¥à¤Ÿ करेगा।
हालांकि, HbA1c टेसà¥à¤Ÿ बहà¥à¤¤ सटीक है और RBS टेसà¥à¤Ÿ के साथ ही इसे किया जाता है। ये टेसà¥à¤Ÿ आमतौर पर 24वें हफà¥à¤¤à¥‡ के बाद या पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दूसरे टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° में किया जाता है।
विटामिन-B12 -
विटामिन-B12 दिमाग और नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल विकास के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी है। à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ (खासतौर पर वेजिटेरियन डाइट) वाले लोगों को विटामिन-B12 की कमी होना आम बात है।
ये जरूरी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है- इसकी किसी à¤à¥€ तरह की कमी बहà¥à¤¤ गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा कर सकती है जैसे सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤¾ बिफिडा (Spina bifida) या बचà¥à¤šà¥‡ में दिमाग और नरà¥à¤µà¥à¤¸ का खराब विकास।
विटामिन-D -
ये टेसà¥à¤Ÿ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला की बाजू में मौजूद नसों से लिठबà¥à¤²à¤¡ सैमà¥à¤ªà¤² से किया जाता है।
ये कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है- इसकी किसी à¤à¥€ तरह की कमी कमजोर हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के विकास और नवजातों में छोटे कद जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को जनà¥à¤® दे सकती है।
इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¤¸ को चेक करने के लिठकिठजाने वाले टेसà¥à¤Ÿà¥à¤¸-
हेपेटाइटिस B à¤à¤‚टीजन टेसà¥à¤Ÿ- हेपेटाइटिस à¤à¤• तरह का लिवर इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ है जो संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मां से फीटस तक पहà¥à¤‚च सकता है। ये विकसित होते बचà¥à¤šà¥‡ के लिठबहà¥à¤¤ गंà¤à¥€à¤° जटिलताà¤à¤‚ पैदा कर सकता है।
HCV टेसà¥à¤Ÿ- ये टेसà¥à¤Ÿ हेपेटाइटिस C इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की जानकारी के लिठकिया जाता है। हेपेटाइटिस C मां से फीटस तक पहà¥à¤‚च सकता है और नवजात में बहà¥à¤¤ गंà¤à¥€à¤° बीमारियां पैदा कर सकता है।
रूबेला इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ (जरà¥à¤®à¤¨ मीजलà¥à¤¸)- इस टेसà¥à¤Ÿ में मां के खून में मौजूद किसी à¤à¥€ तरह की à¤à¤‚टीबॉडी का टेसà¥à¤Ÿ किया जाता है। ये पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले कà¥à¤› महीनों में होता है और इसमें à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का पता लगाया जाता है कि कहीं बचà¥à¤šà¥‡ में गंà¤à¥€à¤° विकास से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ जैसे मेंटल रिटारà¥à¤¡à¥‡à¤¶à¤¨, आंखों और कानों का खराब काम आदि तो नहीं है। अगर ये अà¤à¥€ नहीं है तो कà¥à¤¯à¤¾ कà¤à¥€ à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में à¤à¤¸à¤¾ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ हो सकता है।
HTV इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨- AIDS हमारे लिठकोई नई टरà¥à¤® नहीं है और ये à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ गंà¤à¥€à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जिसकी जांच बहà¥à¤¤ ही अचà¥à¤›à¥‡ से की जानी चाहिà¤à¥¤ होने वाली मां की ठीक से जांच बहà¥à¤¤ जरूरी है और HIV इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ शरीर के इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® पर असर डालता है और मां से बचà¥à¤šà¥‡ को पास होने का खतरा बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है।
VDRL टेसà¥à¤Ÿ/ सेकà¥à¤¶à¥à¤…ली टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिटेड डिजीज टेसà¥à¤Ÿ- वेनेरियल डिजीज रिसरà¥à¤š लेबोरेटरी टेसà¥à¤Ÿ इसलिठकिया जाता है ताकि सिफलिस इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ की जांच की जा सके। ये à¤à¤• तरह का बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होता है जिससे कई तरह के कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¿à¤•ेशन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान हो सकते हैं और ये मां से बचà¥à¤šà¥‡ तक à¤à¥€ पहà¥à¤‚च सकता है।
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